Hanuman Jayanti Stotra
चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती का पर्व भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह दिन भगवान शिव के 11वें
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चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती का पर्व भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह दिन भगवान शिव के 11वें
हनुमान बाहुक क्या है? हनुमान बाहुक भगवान हनुमान जी को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है, जिसे कवि गोस्वामी तुलसीदास जी ने रचा था। यह
Shri Hanuman Bhujanga Prayata Stotra | श्री हनुमान भुजंग प्रयात स्तोत्र — अर्थ एवं भावार्थ सहित श्रीहनुमत्-भुजङ्ग-प्रयात-स्तोत्रम् Hanumath Bhujanga Prayata Stotram सरल भावार्थ प्रपन्नानुरागं प्रभाकाञ्चनाभंजगत्गीतसौर्यं
Pavana Putra Hanuman Stotra – अर्थ, लाभ, स्तुति और सम्पूर्ण श्लोक Pavanaputra Hanuman is the embodiment of strength, brilliance, wisdom, and unwavering devotion. In the
हनुमान महिमा स्तोत्र एक बहुत ही शक्तिशाली स्तोत्र है, जो भगवान हनुमान की महिमा और उनके शक्तियों को उजागर करता है। इसे विशेष रूप से
Hanuman Chaturdasha Stotra भगवान हनुमान जी की स्तुति में रचा गया 14 श्लोकों (चतुर्दश = 14) वाला एक प्राचीन संस्कृत स्तोत्र है। माना जाता है
॥ श्री हनुमान सूक्तम् ॥ श्रीमन्तो सर्वलक्षणसम्पन्नो जयप्रदःसर्वाभरणभूषित उदारो महोन्नतोष्ट्रारूढःकेसरीप्रियनन्न्दनो वायुतनूजो यथेच्छं पम्पातीरविहारीगन्धमादनसञ्चारी हेमप्राकाराञ्चितकनककदलीवनान्तरनिवासीपरमात्मा वनेचरशापविमोचनोहेमकनकवर्णो नानारत्नखचिताममूल्यां मेखलां च स्वर्णोपवीतंकौशेयवस्त्रं च बिभ्राणः सनातनो परमपुरषोमहाबलो अप्रमेयप्रतापशाली रजितवर्णःशुद्धस्पटिकसङ्काशः
श्री अंजनेय अनुग्रह स्तोत्र (Sri Anjaneya Anugraha Stotra) भगवान हनुमान जी को समर्पित एक स्तोत्र है, जो उनकी कृपा, सुरक्षा, शक्ति और बाधाओं को दूर
हनुमान कृपा स्तोत्र एक पवित्र संस्कृत रचना है, जो भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा और भक्ति से गाई या पढ़ी जाती
॥ श्री हनुमान जया कवचम् ॥ अथ ध्यानम् श्यामं गभीरं वदनं वानरेंद्रं दान्तं कपीन्द्रं भुजगाभरणं तम् । दिव्यायुधं वज्रधरं प्रसन्नं ध्यायेत् कपिं सर्वविघ्नोपशान्तये ॥ ॥
चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती का पर्व भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह दिन भगवान शिव के 11वें
हनुमान बाहुक क्या है? हनुमान बाहुक भगवान हनुमान जी को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है, जिसे कवि गोस्वामी तुलसीदास जी ने रचा था। यह
Shri Hanuman Bhujanga Prayata Stotra | श्री हनुमान भुजंग प्रयात स्तोत्र — अर्थ एवं भावार्थ सहित श्रीहनुमत्-भुजङ्ग-प्रयात-स्तोत्रम् Hanumath Bhujanga Prayata Stotram सरल भावार्थ प्रपन्नानुरागं प्रभाकाञ्चनाभंजगत्गीतसौर्यं
Pavana Putra Hanuman Stotra – अर्थ, लाभ, स्तुति और सम्पूर्ण श्लोक Pavanaputra Hanuman is the embodiment of strength, brilliance, wisdom, and unwavering devotion. In the
हनुमान महिमा स्तोत्र एक बहुत ही शक्तिशाली स्तोत्र है, जो भगवान हनुमान की महिमा और उनके शक्तियों को उजागर करता है। इसे विशेष रूप से
Hanuman Chaturdasha Stotra भगवान हनुमान जी की स्तुति में रचा गया 14 श्लोकों (चतुर्दश = 14) वाला एक प्राचीन संस्कृत स्तोत्र है। माना जाता है
॥ श्री हनुमान सूक्तम् ॥ श्रीमन्तो सर्वलक्षणसम्पन्नो जयप्रदःसर्वाभरणभूषित उदारो महोन्नतोष्ट्रारूढःकेसरीप्रियनन्न्दनो वायुतनूजो यथेच्छं पम्पातीरविहारीगन्धमादनसञ्चारी हेमप्राकाराञ्चितकनककदलीवनान्तरनिवासीपरमात्मा वनेचरशापविमोचनोहेमकनकवर्णो नानारत्नखचिताममूल्यां मेखलां च स्वर्णोपवीतंकौशेयवस्त्रं च बिभ्राणः सनातनो परमपुरषोमहाबलो अप्रमेयप्रतापशाली रजितवर्णःशुद्धस्पटिकसङ्काशः
श्री अंजनेय अनुग्रह स्तोत्र (Sri Anjaneya Anugraha Stotra) भगवान हनुमान जी को समर्पित एक स्तोत्र है, जो उनकी कृपा, सुरक्षा, शक्ति और बाधाओं को दूर
हनुमान कृपा स्तोत्र एक पवित्र संस्कृत रचना है, जो भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा और भक्ति से गाई या पढ़ी जाती
॥ श्री हनुमान जया कवचम् ॥ अथ ध्यानम् श्यामं गभीरं वदनं वानरेंद्रं दान्तं कपीन्द्रं भुजगाभरणं तम् । दिव्यायुधं वज्रधरं प्रसन्नं ध्यायेत् कपिं सर्वविघ्नोपशान्तये ॥ ॥