remedywala logo_png

Shri Hanuman Sathika

Shri Hanuman Sathika is a sacred hymn dedicated to Lord Hanuman. It contains sixty Chopais, and that is why it is called “Sathika.” This stotra was composed by the great devotee Goswami Tulsidas Ji. Regular recitation of the Hanuman Sathika is believed to remove diseases, debts, enemies, fears, and obstacles, and it brings peace, protection, […]

Hanuman Chaturvimshati Namavali

श्री हनुमान चतुर्विंशति नामावली हनुमान जी के 24 पावन नामों का एक दिव्य स्तोत्र है, जिसमें उनके प्रमुख रूपों, गुणों और शक्तियों का संक्षिप्त वर्णन मिलता है।इन नामों का जप करने से साधक को अष्ट-सिद्धि, नव-निधि, भय-नाश, बुद्धि-वृद्धि, बल-शक्ति और आध्यात्मिक सुरक्षा प्राप्त होती है। ये नाम हनुमान जी के अद्वितीय स्वरूपों को प्रकट करते […]

Hanuman Amrit Bhakti Stotra

॥ श्री हनुमान अमृत भक्ति स्तोत्रम् ॥   जय जय जय बजरंगबली, महावीर हनुमानसाहस बल और शक्ति का, दो हमको वरदानहम हैं बुद्धि हीन प्रभु, तुम हो बुद्धि निधानमन का अंधियारा हर लो, दूर करो अज्ञानअष्ट सिद्धि नवनिधियों के, दाता तुम कपिवीरबड़ी भुजाएं आपकी, अति विशाल है शरीरबलशाली बजरंगबली, सदा रहो तुम साथभूत पिशाच न […]

Hanuman Shakti Stotra

          हनुमत् शक्तिस्तोत्रम्       Hanumat Shakti Stotram                      Meaning बालसूर्यसमप्रभं, भवभीतिहरं प्रभुम्।अञ्जना-गर्भसम्भूतं, वायुपुत्रं नमाम्यहम्॥ Balasurya-sama-prabham, bhava-bhīti-haram prabhum;Anjana-garbha-sambhutam, Vayu-putram namaamyaham. Jo bal surya ke samaan tejस्वी hai, jo bhay aur dukh ko mita deta hai.Main Anjana ke garbh se utpann, Vayuputra […]

Shree Hanuman Gadyam | श्री हनुमान गद्यम

Sri Panchamukha Hanuman Gadyam, a powerful devotional hymn praising Lord Hanuman in his five-faced (Panchamukha) form. This gadyam (prose hymn) is often recited for protection, courage, and removal of obstacles. श्री पञ्चमुख हनुमान गद्यं (Sri Panchamukha Hanuman Gadyam) ॥प्रस्तावना॥सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।शरण्ये त्रैलोक्यनाथे श्री पंचमुख हनुमते नमः॥ ॥गद्यप्रारम्भः॥त्वं सर्वभूतहिते रतः सर्वशत्रुविनाशकः।सर्वविकारहरः सर्वदैव नम्रः।त्वं वायुपुत्रो बलवान् रामभक्तः।रामदूतश्च […]

Hanuman Jayanti Stotra

चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती का पर्व भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह दिन भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार, परम बलशाली श्री हनुमान के जन्म का उत्सव है। इस शुभ अवसर पर, उनके विभिन्न स्तोत्रों का पाठ करने से भक्तों को अतुलनीय शक्ति, सुरक्षा और सफलता प्राप्त होती […]

Sri Hanuman Bhakti Chintamani

Chintamani Hanuman Mantra ( देवनागरी ) वन्दे वानर नारसिंह खगरात्क्रोधाश्व वक्रतांशितम्नानालङ्कारम् त्रिपञ्च नयनेनददीप्यमानं रुञ्चाऽस्तुहस्ताभैरासी खेत पुस्तकम्सुधा कुम्भाङ्कुसाद्रिन् हलम्खट्वाङ्गं फणिभू रोहम् च दधातम्सर्वारि गर्वापहम् श्री हनुमान भक्ति चिंतामणि का अर्थ : श्री हनुमान भक्ति चिंतामणि एक पवित्र ग्रंथ है, जिसमें हनुमान जी की भक्ति और उनके अद्भुत गुणों का विस्तार से वर्णन किया गया है। इस […]

Hanuman Bahuk

हनुमान बाहुक क्या है? हनुमान बाहुक भगवान हनुमान जी को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है, जिसे कवि गोस्वामी तुलसीदास जी ने रचा था। यह स्तोत्र उन्होंने अपने गंभीर हाथ के दर्द (बाहु-पीड़ा) से मुक्ति पाने के लिए लिखा था—इसीलिए इसका नाम “बाहुक” पड़ा, जिसका अर्थ है बाहु (हाथ) से संबंधित स्तोत्र। Hanuman Bahuk is […]

Hanuman Siddhi Stotram

ध्यानश्लोका  मनोजवं मारुततुल्य वेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् । वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरण प्रपद्ये ।। 1- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, वायुसुताय, अंजनीगर्भसम्भूताय, अखण्डब्रह्मचर्यव्रतपालन-तत्पराय, धवलीकृत जगत् त्रितयाया, ज्वलदग्निसूर्यकोटिसमप्रभाय, प्रकटपराक्रमाय, आक्रान्तदिग्‌मण्डलाय, यशोवितानाय, यशोऽलंकृताय, शोभिताननाय, महासामर्थ्याय, महातेजपुंजः विराजमानाय, श्रीरामभक्तितत्पराय, श्रीरामलक्ष्मणानन्दकारणाय, कपिसैन्यप्राकाराय, सुग्रीवसौख्यकारणाय, सुग्रीवसाहाय्यकारणाय, ब्रह्मास्त्र ब्रह्मशक्ति ग्रसनाय, लक्ष्मणशक्ति भेदनिवारणाय, शल्य विशल्यौषधि समानयनाय, बालोदित भानुमण्डल ग्रसनाय, अक्षयकुमार-छेदनाय, वनरक्षाकर समूहविभंजनाय, द्रोणपर्वतोत्पाटनाय, स्वामिवचन […]

Hanuman Ashtak | संकट मोचन हनुमान अष्टक

श्री संकटमोचन हनुमान अष्टक  बाल समय रवि भक्ष लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों।ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो।देवन आनि करी बिनती तब, छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो।को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि, जात महाप्रभु पंथ निहारो।चौंकि महामुनि साप […]