.

rwstaging

Natural Smoky Quartz Shivling
Natural Smoky Quartz Shivling
₹1999₹599
Shop Now
Garnet Chips Bracelet
Garnet Chips Bracelet
₹1099₹299
Shop Now
OM ॐ Wooden Grid Plate (12 Inch Approx)
OM ॐ Wooden Grid Plate (12 Inch Approx)
₹2099₹1204
Shop Now
Menopause Relief Bracelet
Menopause Relief Bracelet
₹1099₹493
Shop Now
Natural Shell Stick Stretch Bracelet
Natural Shell Stick Stretch Bracelet
₹599₹499
Shop Now
Vastu Yantra Brass Patti
Vastu Yantra Brass Patti
₹1099₹466
Shop Now

Gayatri Mata Aarti | श्री गायत्री देवी की आरती | Aarti Gayatri Mata Ki

श्री गायत्री देवी की आरती आरती श्री गायत्रीजी की ज्ञानद्वीप और श्रद्धा की बाती। सो भक्ति ही पूर्ति करै जहं घी को।। आरती… मानस की शुची थाल के ऊपर। देवी की ज्योत जगैं जह नीकी।। आरती… शुद्ध मनोरथ ते जहां घण्टा। बाजै करै आसुह ही की।। आरती… जाके समक्ष हमें तिहुं लोक के। गद्दी मिले सबहुं लगै फीकी।। आरती… आरती प्रेम सौ नेम सो करि। ध्यावहिं मूरति ब्रह्मा लली की।। आरती… संकट आवै न पास कबौ तिन्हें। सम्पदा और सुख की बनै लीकी।। आरती… Gayatri Mata Aarti Aarti shri Gayatri ji ki Gyan ko dip aur shraddha ki bati So bhakti hi purti karai jahan ghiki, aarti… Manas ki shuchi thal ke upar, Devi ki joti jagai jahniki, aarti… Shudhi

Read More »

Shri Gauri Nandan Aarti | ॐ गणेश जय गौरी नंदन | Ganpati Aarti

ॐ गणेश जय गौरी नंदन ॐ जय गौरी नंदन, प्रभु जय गौरी नंदन गणपति विघ्न निकंदन, मंगल निःस्पंदन || ॐ जय || ऋद्धि सिद्धियाँ जिनके, नित ही चंवर करे करिवर मुख सुखकारक, गणपति विघ्न हरे || ॐ जय || देवगणों में पहले तव पूजा होती तब मुख छवि भक्तो के निदारिद खोती || ॐ जय || गुड़ का भोग लगत हैं कर मोदक सोहे ऋद्धि सिद्धि सह-शोभित, त्रिभुवन मन मोहै || ॐ जय || लंबोदर भय हारी, भक्तो के त्राता मातृ-भक्त हो तुम्ही, वाँछित फल दाता || ॐ जय || मूषक वाहन राजत, कनक छत्रधारी विघ्नारण्यदवानल, शुभ मंगलकारी || ॐ जय || धरणीधर कृत आरती गणपति की गावे सुख संपत्ति युक्त होकर वह वांछित पावे || ॐ जय || Gauri

Read More »

Lakshman Aarti | लक्ष्मण जी की आरती | Ram Lakshman Aarti in English

लक्ष्मण जी की आरती आरती लक्ष्मण बालजती की असुर संहारन प्राणपति की जगमग ज्योति अवधपुर राजे शेषाचल पै आप विराजे घंटा ताल पखावज बाजे कोटि देव मुनि आरती साजे किरीट मुकुट कर धनुष विराजे तीन लोक जाकी शोभा राजे कंचन थार कपूर सुहाई आरती करत सुमित्रा माई आरती कीजे हरी की तैसी ध्रुव प्रहलाद विभीषण जैसी प्रेम मगन होय आरती गावै बसि वैकुण्ठ बहुरि नहीं आवै भक्ति हेतु हरि ध्यान लगावै जन घनश्याम परमपद पावै Lakshman Aarti Aarti Lakshman Baaljati Ki Asur Sanhaaran Praanpati Ki Jagmag Jyoti Avadhpur Raaje Sheshachal Pai Aap Viraaje Ghanta Taal Pakhawaj Baaje Koti Dev Muni Aarti Saaje Kirit Mukut Kar Dhanush Viraaje Teen Lok Jaaki Shobha Raaje Kanchan Thar Kapoor Suhaai Aarti Karat Sumitra Mai

Read More »

Shakumbhari Devi Aarti | शाकुम्भरी माता की आरती | Shakambhari Mata

शाकुम्भरी माता की आरती हरी ॐ श्री शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो ऐसी अदभुत रूप ह्रदय धर लीजो शताक्षी दयालु की आरती कीजो तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ, सब घट तुम आप बखानी माँ शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो तुम्ही हो शाकुम्भर, तुम ही हो सताक्षी माँ शिवमूर्ति माया प्रकाशी माँ, शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो नित जो नर– नारी अम्बे आरती गावे माँ इच्छा पूर्ण कीजो, शाकुम्भर दर्शन पावे माँ शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो जो नर आरती पढ़े पढावे माँ, जो नर आरती सुनावे माँ बस बैकुंठ शाकुम्भर दर्शन पावे शाकुम्भरी अंबा जी की आरती कीजो Shakumbhari Devi Aarti Hari Om Shri Shakumbhari Amba Ji Ki Aarti Kijo Aisi Adbhut Rup Hriday Dhar Lijo,

Read More »

Deva Ho Deva Ganpati Deva | देवा हो देवा गणपति देवा: | Ganpati Vandna

देवा हो देवा गणपति देवा: गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया मोरया रे, बाप्पा मोरया रे देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन और तुम्हारे भक्तजनों में, हमसे बढ़कर कौन हमसे बढ़कर कौन देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन अद्भुत रूप ये काया भारी, महिमा बड़ी है दर्शन की प्रभु महिमा बड़ी है दर्शन की बिन मांगे पूरी हो जाए, जो भी इच्छा हो मन की प्रभु जो भी इच्छा हो मन की गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन और तुम्हारे भक्तजनों में, हमसे बढ़कर कौन हमसे बढ़कर कौन छोटी सी आशा लाया हूँ छोटे से मन

Read More »

Chamunda Devi Aarti | माँ चामुण्डा देवी जी की आरती | Chamunda Mata Ki Aarti

माँ चामुण्डा देवी जी की आरती जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति । तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥जय॥ कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै ॥जय॥ केहरि वाहन राजत खड्ग खप्परधारी । सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुःखहारी ॥जय॥ कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती । कोटिक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति ॥जय॥ शुम्भ निशुम्भ बिडारे महिषासुर घाती । धूम्र विलोचन नैना निशिदिन मदमाती ॥जय॥ चौंसठ योगिनि मंगल गावैं नृत्य करत भैरू। बाजत ताल मृदंगा अरू बाजत डमरू ॥जय॥ भुजा चार अति शोभित खड्ग खप्परधारी। मनवांछित फल पावत सेवत नर नारी ॥जय॥ कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती । श्री मालकेतु

Read More »

Yogmaya devi Aarti | मां योगमाया की आरती | Maa Yogmaya

मां योगमाया की आरती ॐ जय माँ योगमाया ॐ जय श्री योगमाया । भक्त जनों को अपने… दे शीतल छाया ॥ ॐ जय श्री… तुम देवी कुलरक्षक ग्वालों की दाती । कल्याणी कष्टों को… क्षण में दूर करती ॥ ॐ जय श्री… तुम हो शक्ति धरा की महिमा हो नग की । पूर्ण हो करती इच्छा… तुम सबके मन की ॥ ॐ जय श्री… हम पर कृपा सदा हो मैय्या ये वर दो । दर्शन दो हे माता… हमें धन्य कर दो ॥ ॐ जय श्री … भक्त जनों को अपने… दे शीतल छाया ॥ ॐ जय श्री… ॥ इति मां योगमाया आरती संपूर्णम् ॥ Yogmaya Devi Aarti Om Jai Maa Yogmaya Om Jai Shree Yogmaya . Bhakt Jano Ko

Read More »

Maa Brahmacharini Aarti | मां ब्रह्माचारिणी की आरती | Brahmacharini mantra

मां ब्रह्माचारिणी की आरती जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता । जय चतुरानन प्रिय सुख दाता ॥ ब्रह्मा जी के मन भाती हो । ज्ञान सभी को सिखलाती हो ॥ ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा । जिसको जपे सकल संसारा ॥ जय गायत्री वेद की माता । जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता ॥ कमी कोई रहने न पाए । कोई भी दुख सहने न पाए ॥ उसकी विरति रहे ठिकाने । जो ​तेरी महिमा को जाने ॥ रुद्राक्ष की माला ले कर । जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर ॥ आलस छोड़ करे गुणगाना । मां तुम उसको सुख पहुंचाना ॥ ब्रह्माचारिणी तेरो नाम । पूर्ण करो सब मेरे काम ॥ भक्त तेरे चरणों का पुजारी । रखना लाज मेरी महतारी

Read More »

Chandraghanta Mata ki Aarti | मां चंद्रघंटा की आरती | Durga Aarti

मां चंद्रघंटा की आरती जय मां चंद्रघंटा सुख धाम । पूर्ण कीजो मेरे सभी काम ॥ चंद्र समान तुम शीतल दाती । चंद्र तेज किरणों में समाती ॥ क्रोध को शांत करने वाली । मीठे बोल सिखाने वाली ॥ मन की मालक मन भाती हो । चंद्र घंटा तुम वरदाती हो ॥ सुंदर भाव को लाने वाली । हर संकट मे बचाने वाली ॥ हर बुधवार जो तुझे ध्याये । श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं ॥ मूर्ति चंद्र आकार बनाएं । सन्मुख घी की ज्योति जलाएं ॥ शीश झुका कहे मन की बाता । पूर्ण आस करो जगदाता ॥ कांचीपुर स्थान तुम्हारा । करनाटिका में मान तुम्हारा ॥ नाम तेरा रटूं महारानी । भक्त की रक्षा करो भवानी ॥ ॥

Read More »

Kushmanda mata ki Aarti | मां कूष्मांडा की आरती | durga Aarti

मां कूष्मांडा की आरती कूष्मांडा जय जग सुखदानी । मुझ पर दया करो महारानी ॥ पिगंला ज्वालामुखी निराली । शाकंबरी मां भोली भाली ॥ लाखों नाम निराले तेरे । भक्त कई मतवाले तेरे ॥ भीमा पर्वत पर है डेरा । स्वीकारो प्रणाम ये मेरा ॥ सबकी सुनती हो जगदम्बे । सुख पहुंचती हो मां अम्बे ॥ तेरे दर्शन का मैं प्यासा । पूर्ण कर दो मेरी आशा ॥ मां के मन में ममता भारी । क्यों ना सुनेगी अरज हमारी ॥ तेरे दर पर किया है डेरा । दूर करो मां संकट मेरा ॥ मेरे कारज पूरे कर दो । मेरे तुम भंडारे भर दो ॥ तेरा दास तुझे ही ध्याए । भक्त तेरे दर शीश झुकाए ॥ Kushmanda mata

Read More »
Siddh Sampurna Vastu Yantram
Siddh Sampurna Vastu Yantram
₹2099₹1099
Shop Now
Panchdhatu Tripura Bhairav Yantra
Panchdhatu Tripura Bhairav Yantra
₹2099₹1099
Shop Now
Shree Surya Yantra (4.5 x 4cm approx)
Shree Surya Yantra (4.5 x 4cm approx)
₹1099₹399
Shop Now
Shree Mangal Yantram (4.5 x 4cm approx)
Shree Mangal Yantram (4.5 x 4cm approx)
₹1099₹399
Shop Now
Shri Panchmukhi Hanuman Wooden Base Yantra
Shri Panchmukhi Hanuman Wooden Base Yantra
₹1199₹499
Shop Now
Siddh Sampurna Baglamukhi Yantram(4 inch)
Siddh Sampurna Baglamukhi Yantram(4 inch)
₹2099₹1099
Shop Now

Deva Ho Deva Ganpati Deva | देवा हो देवा गणपति देवा: | Ganpati Vandna

देवा हो देवा गणपति देवा: गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया मोरया रे, बाप्पा मोरया रे देवा हो देवा, गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन स्वामी

Read More »

Chamunda Devi Aarti | माँ चामुण्डा देवी जी की आरती | Chamunda Mata Ki Aarti

माँ चामुण्डा देवी जी की आरती जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति । तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत

Read More »

Related Products